सातारा जिल्हे के शिवकाल समय के दुर्ग और किल्लों के बारे मे जानकारी

नमस्ते दोस्तों,
आज हम बात करेंगे महाराष्ट्र के सातारा जिल्हे में स्थित शिवकाल समय के दुर्ग और किल्लों के बारे में। अगर आपने हमारे चैनल को अब तक सब्सक्राइब नहीं किया है तो जल्दी कीजिये, और बेल आइकॉन पर क्लिक कीजिये, जिससे आपको हमारे वीडियोस के नोटिफिकेशन मिल सके।
अब बात करते है किल्लों के बारे में।
सातारा में शिवकाल समय के कई किले मौजूद है। लगभग २६ किल्ले है।
अजिंक्यतारा – यह किल्ला सातारा जिल्हे में सातारा सिटी के यहाँ है। यह शिवकाल के समय में स्वराज्य की चौथी राजधानी था। यह किल्ला ३००मीटर की ऊंचाई पर है। इसके पास ही बामनोली गांव है।

सज्जनगड – सज्जनगढ़ की ऊंचाई ३३५०फिट है। कारि, परली, गजवडी इन गावों के पास सातारा जिल्हे के घाटियों में यह किल्ला स्थित है।

प्रतापगढ़ – ३५५६फिट ऊंचाई का यह किल्ला जावली तालुका में महाबलेश्वर के घाटियों में है। इस किल्ले का निर्माण छत्रपति शिवाजी महाराज के कहने पर मोरो त्र्यंबक पिंगळेजी ने करवाया था।

भैरवगड – भैरवगड नाम के कुल मिलकर ५ किल्ले है, जिसमे सातारा जिल्हे का एक किल्ला भी है। ३००० फिट की उचाई का यह किला सातारा जिल्हे के महाबलेश्वर कोयना  की घाटियों में है।

कमलगड – यह किल्ला ४०००फ़िट की ऊंचाई पर है। यह किल्ला सातारा जिल्हे में महाबलेश्वर में नांदवने, वाई तालुका के यहाँ है। इस किल्ले की दक्षिण की ओर से कृष्णा और उत्तर की ओर से वाळकी नदी का घाट है। और पास ही में कवी वामन पंडितजी की धोम गांव में समाधी है।

गुणवंतगड – यह किल्ला सातारा में पाटण, मोरगिरि के यहाँ बामणोली के पहाड़ी पर १००० फिट की ऊंचाई पर है।

दातेगड – यह किल्ला १०२७फ़िट के ऊँचाई पर पाटण, टोलेवाडी के यहाँ बामणोली की पहाड़ीयों में है। इस किल्ले पर तलवार के आकार का कुआँ मौजूद है।

जंगली-जयगड – यह किला ३१६४ फिट की ऊंचाई पर सातारा जिल्हे में कोयनानगर के पास महाबलेश्वर कोयना के घाटियों में है।

केंजळगड – ४२६९ फिट ऊँचा यह किल्ला महाबलेश्वर के घाटी में है। इसके आसपास कोर्ले, वाई, रायरेश्वर गांव है। यह कृष्णा और नीरा नदी के घाट में है, जिसके एक तरफ कृष्णा नदीपर धोम के यहाँ धरण और दूसरी ओर नीरा नदीपर देवघर के यहाँ धरण है।

कल्याणगड – यह किल्ला नांदगिरि, कन्हई से ३५०००फिट ऊँचा है। समतल माथेवाले इस किले पर जो बरगद का पेड़ है, उसके कारन यह किल्ला दूर से ही दिखाई देता है।

भूषणगड – इस किल्लेऊंचाई  की ९०४मीटर है। यह किल्ला खटाव तालुका के वडूज गांव में है।

वारुगढ़ यह किला 3000फिट की ऊंचाई पर सातारा जिले में है। मान तालुका में सह्याद्रि की महादेव की पहाड़ियों में यह किला है। 

महीमानगढ़, 3200फिट ऊंचाई पर स्थित यह किला सातारा के दहीवड़ी,  म्हसवड, पुसेगांव के यहां है। यह मान तालुका में आता है। यह किल्ला एक छोटीसी पहाड़ पर बनवाया गया है। 

वासोटा 4267फिट ऊंचाई पर स्थित यह किला कुसापुर, चोरवणे से होकर महाबलेश्वर कोयना के घाटियों में बामनोली के पास है। 

पांडवगढ़ ४१८५ फिट ऊंचाई पर स्थित यह किला सातारा के यहां मेनवली, गुण्डेवाडी  गांव के पास वाई तालुका में महाबलेश्वर के यहां है। 

संतोषगढ़ 2960 फिट ऊंचाई पर स्थित यह किला सातारा मैं फलटन, ताथवड़े  के यहां है। 

वैराटगढ़ 3340 फिट ऊंचाई पर स्थित यह किला सातारा में व्याजवाड़ी के यहां वाई तालुका में है। 

वंदनगढ़ और चंदनगढ़ दोनों कीले एक दूसरे के आमने-सामने हैं।  यह किला भूइंज गांव से 87 किलोमीटर दूर सहयाद्रि की घाटियों में स्थित है। 

सदाशिवगढ़ ३०५० फीट ऊंचाई पर स्थित यह किला कराड से ६किलोमीटर की दुरी पर है।  इस किले पर जाने  के  लिए हमे ओगळेवाडी  गांव से जाना पड़ता है। 

वर्धनगढ़ १५०० फिट की ऊंचाई पर स्थित यह किला वर्धनगड गांव, पुसेगांव के नजदीक है। 

मकरंदगढ़ इसकी ऊंचाई ४०५५ फिट है, यह हाथलोट के यहां पर स्थित है। इस किले को मधु-मकरंदगड नाम से भी जाना जाता है। 

वसंतगढ 930 मीटर की ऊंचाई वाला यह किला तळबीड गांव के नजदीक है। 

महीमंडनगढ़ 3000 फीट की ऊंचाई का यह किला जावली तालुका में मेटशिंदी गांव के यहां है। 

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